भारत में सिगरेट का विशाल बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के नियम
भारत में सिगरेट का बाजार वर्ष 2023 में लगभग ₹1.4 लाख करोड़ का था, और यह हर साल लगभग 3% की दर से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2028 तक यह आंकड़ा ₹2 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। हालांकि, इस वृद्धि के बावजूद, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के सख्त नियम लागू हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान:
भारत में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना कानूनन प्रतिबंधित है। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर सिगरेट या बीड़ी पीते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे ₹200 तक का जुर्माना हो सकता है। यह दंड सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 के तहत निर्धारित है।
सार्वजनिक स्थानों की परिभाषा
सार्वजनिक स्थानों में वे सभी स्थान शामिल हैं जहां जनता की पहुंच होती है, जैसे:
- होटल
- रेस्तरां
- सिनेमा हॉल
- मॉल
- अस्पताल
- कार्यालय
- शैक्षणिक संस्थान
इन स्थानों के मालिकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे "नो स्मोकिंग" संकेतक लगाएं। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें भी ₹200 तक का जुर्माना हो सकता है।
विशेष धूम्रपान क्षेत्र
कुछ स्थानों पर, जैसे कि बड़े होटल (30 से अधिक कमरे), रेस्तरां (30 से अधिक बैठने की क्षमता) और हवाई अड्डे, धूम्रपान के लिए विशेष क्षेत्र निर्धारित किए जा सकते हैं। इन क्षेत्रों के बाहर धूम्रपान करना निषिद्ध है।
निष्कर्ष
हालांकि भारत में सिगरेट का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के सख्त नियम लागू हैं। इन नियमों का पालन करना न केवल कानूनी बाध्यता है, बल्कि यह समाज के स्वास्थ्य और भलाई के लिए भी आवश्यक है।